मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव – एक शानदार करियर ऑप्शन क्यों है?

आज का युवा इस प्रतिस्पर्धा के युग में क्या चाहता है, केवल स्पष्ट दिशानिर्देश क्योंकि ग्रेजुएशन करने के बाद उसके पास  भटकाव के अतिरिक्तकुछ भी नहीं होता| शिक्षा पूर्ण करने के बाद उसका जिंदगी की कठिन परिस्थितियों से सामना होता है और एक ऐसी स्थिति से रूबरू होना पड़ता है जिसके लिए वह कतई तैयार नहीं था| शिक्षा के विषय भी किसी योजना के अंतर्गत तय नहीं किए गए थे, इस कारण से वह दिशाहीन होकर रह जाता है| यदि कोई अनपढ़ व्यक्ति हो तो वह कुछ भी कार्य करने के लिए और अपनी जीविका चलाने के लिए सहर्ष तैयार रहता है लेकिन एक पढ़ा-लिखा युवा केवल आजीविका के लिए अपने जीवन के बहुमूल्य 14-15 वर्ष स्कूल कॉलेज में नहीं व्यतीत करता, उसे चाहिए होता है करियर|

करियर जिसे हम बोलचाल की भाषा में व्यवसाय कहते हैं कोई एक नौकरी से नहीं बन सकताI करियर बनाने के लिए आपको सपने देखने होते हैं, सपने बुनने होते हैं और सपने साकार करने होते हैं| इसलिए एक लंबी अवधि की शिक्षा के बाद युवा किसी छोटी-मोटी नौकरी पर संतोष करने के लिए तैयार नहीं होता| इसके साथ यह भी एक बड़ा प्रश्न है की नौकरियां रखी कहां है सच पूछा जाए तो स्नातक ग्रेजुएशन करने के बाद योग्यता किसी भी नौकरी के लायक नहीं होती है इसलिए ग्रेजुएशन के बाद वह हर क्षेत्र के हर उपस्थित अवसर पर अपनी किस्मत आजमाता है लेकिन अंत में उसे ज्यादातर निराशा ही हाथ लगती है| क्योंकि जिस तरह के नौकरी के लिए वह प्रयास करता है उसके लिए ना तो उसने शिक्षा ग्रहण की थी और ना ही कभी अपने आपको तैयार ही किया था| उसकी उम्र उसकी ऊर्जा उसके सपने ग्रेजुएशन करने के बाद दो-तीन साल के प्रयासों में दम तोड़ देते हैं| और फिर वह जो भी नौकरी पेशा उपलब्ध होता है उसको अपनी नियति मानकर चुपचाप बैठ जाता है और असंतुष्ट रहता है| इसका एक कारण हमारे देश में करियर काउंसलिंग का अभाव भी है| यदि वास्तव में देखा जाए तो करियर काउंसलिंग थोड़ा मुश्किल से ही उपलब्ध होती है और साथ ही हर एक के की पहुंच में भी नहीं होती| सच पूछा जाए तो जिनको जरूरत होती है उनकी पहुंच में नहीं होती और जिनकी पहुंच में होती है उनको जरूरत नहीं होती| इसके साथ ही करियर काउंसलिंग के लिए विशेषज्ञों का भी अभाव है| कॉलेज के अध्यापक या फिर अभिभावक इस में सहायक हो सकते हैं परंतु अपने देश की शिक्षा पद्धति में करियर काउंसलिंग कहीं पर भी उपयुक्त रूप से नहीं की जाती है| रही अभिभावकों की बात तो वह बच्चों के लिए अपनी सामर्थ्य के हिसाब से शिक्षा की उचित व्यवस्था करके अपने अपनी जिम्मेदारी की इतिश्री समझ लेते हैं| या फिर कई बार वह अपने बच्चों को सिर्फ वही कैरियर देना चाहते हैं जिसमें वह सफल रहे हैं|  अन्यथा उनका एक ही सुझाव होता है कि चाहे कुछ बन जाओ वह मत बनना जो मैं हूं क्योंकि वह अपने व्यवसाय/करियर में बुरी तरह से असफल रहते हैं| अब इन परिस्थितियों में ग्रेजुएट युवा वर्ग के लिए अपने भविष्य का निर्धारण बहुत मुश्किल हो जाता हैI ऐसी परिस्थिति में फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्री की सेल्स एंड मार्केटिंग शाखा में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव का व्यवसाय एक बहुत बड़ी आस है|

प्रदर्शन के आधार पर पदोन्नति देने वाले कुछ गिने-चुने व्यवस्थाएं ही अपने देश में उपलब्ध है जिनमें से मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव का व्यवसाय एक है|  यदि आप की जीवन शैली जिंदगी में हार ना मानने की है और आप किसी भी तरह के की चुनौती का सामना करने के लिए तैयार रहते हैं तो यह व्यवसाय आपके लिए ही हैI हमारे देश में फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्री एक बहुत ही बड़ी लगातार विकास करने वाली और कभी भी मंदी में ना आने वाली एक अनूठी इंडस्ट्री है इसमें कैरियर बनाना कोई समझौता नहीं बल्कि चुनौती है| जो गलती आप से 4 साल पहले अनजाने में हुई उसके कारण आप अपनी आगे की जिंदगी को असमंजस में नहीं डाल सकते इसलिए ग्रेजुएशन के बाद दो-तीन साल इधर उधर भटकने और भिन्न भिन्न प्रकार के की प्रतियोगिताएं देने की बजाय यदि आप सीधे मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के रूप में अपना करियर शुरू करते हैं तो आने वाले समय में यह आपको सामाजिक आर्थिक और मानसिक रूप से बहुत ही पुरस्कृत करने वाला होगा| यहां पर आगे बढ़ने का मौका नौकरी की अवधि के आधार पर नहीं बल्कि प्रदर्शन के आधार पर मिलता है| यह अकेला व्यवसाय है जिसमें एक ही पोजीशन के लोग एक तरह से तो सैलरी पाते हैं पर एक ही सैलरी नहीं पाते और यह सब आपके अपने प्रदर्शन पर निर्भर करता है| तो यदि आप अपना भविष्य अपने हाथों सवारना चाहते हैं तो MEDICAL REPRESENTATIVE CAREER BUILDER PROGRAM मैं शामिल होकर अपना भविष्य सवार सकते हैं| यदि आप ग्रेजुएशन के बाद अपने माता-पिता पर बोझ ना बन कर उनके लिए एक मददगार की हैसियत से जिम्मेदारी निभाना चाहते हैं तो यह व्यवसाय आपके लिए ही है|

जब आपको दिशा चाहिए थी आपको नहीं मिल पाई आज आप स्वयं इस स्थिति में है कि अपनी दिशा स्वयं  निर्धारित कर सकें इसलिए आगे बढ़िएI और बजाएं अपने जीवन के दो तीन बहुमूल्य वर्ष ग्रेजुएशन के बाद तरह-तरह के एग्जाम देने के बजाय मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के पद पर अपना करियर शुरू कीजिए और एक विजेता के रूप में दुनिया को दिखा दीजिए कि आप क्या कर सकते हैं और आपकी क्षमताएं क्या है| यदि आप आगे बढ़ना चाहते हैं तो हम आप को सिखाने के लिए हमेशा तत्पर है फिर इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि ग्रेजुएशन में आप केवल पास हुए हैं या गोल्ड मेडलिस्ट रहे हैं|

लेखक: महेंद्र सिंह बिष्ट 

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